Wednesday, July 7, 2010

मोहित हैदराबादी

मई सोंचा कि अभी मई कुछ टाइम तो हैदराबाद मेइच रइंगा. तो मेरेकू हैदराबादी हिंदी सीखना पडिंगा. वैसे इधर उधर लोगाँ की बाताँ सुनतूं. तो हल्लू हल्लू सीखरूं.

सोंचरूं तुमाको मई अपने हैदराबाद के खिस्से बोलूँ. मई मुंबई से पिलेन में बैठा, यारो. तो बीच हवे में पायलट बोलता, आगे कुछ नई दिखरा. अब यारो अईसा अँधा पायलट काईकू रखते ये लोगाँ. मेरेकू तो ग़ुस्सा आया न यारो. मई सोंचा अभी पायलट के हाथां पैरां तोड़ता मई. फिर सोंचा काईकू ये सब करूं, पईलेच अँधा है, मियां. ऐसा सोंचके लाइट ले लिया मई यारो. तो शराफ़त का फ़ायदा उठाके माइक में बोलता एक घंटा लेट होएंगा. माँ की किरकिरी! उस दिन एक सीखा, यारो. शराफ़त नको.

एअरपोर्ट उतरा तो गेस्ट हाउस के केअरटेकर को फ़ोन मिलाया मई. वो बोलता माधापुर में आओ, थोडा लेफ़्ट राईट घाप्चिक घाप्चिक मारो. फिर एक गली आएंगी. गली में बहुत घराँ होएँगे. तो मई उसकू पुछा कउनसा घर के सामने रुकना तो बोलता जिस घर सामने काली बिल्ली बैठती उसके सामने रुकना, बोलो. माँ की किरकिरी! कुछ तो भी बोलता, यारो. मई गया तो यारो लाल बिल्ली दिखरी मेरेकू. उधरिच रुका मई. फ़ोन मिलाया उसकू. पुछा क्या रे तू तो बोला काली बिल्ली होएंगी. इधर तो लाल बिल्ली दिखरी. तो बोलता साब बिल्ली गुस्से में लाल दिखती होएंगी. उधरिच रुको मई आता, बोलो. ऐसा पता बताते क्या किसीकू?

अंदर पहुंचा मई तो गेस्ट हाउस वाला पोट्टा बोलता मेरेकू साब पानी नहा लो. गरम पानी आता. मई बोला हाउ, नहातूँ. अंदर जाके गीज़र का बटन चालू किया, यारो. 10 मिनीटां रुका. पानी गरमिच नई होरा. मई उसको बुलाया. पुछा कौनसा नल में गरम पानी आता. तो वो 15 मिनीटां नलां के साथ खेलकू बोलता साब दोनों नलां से थोडा थोडा गरम पानी आता, बोलो. कुछ तो भी बोलना करके बोला मेरेकू. मेरेकू हाउला समझा क्या? उस दिन ठंडे पानी से नहाया मई. माँ की किरकिरी!

बाहर निकला तो भूख के मारे पेट में गढ्ढा पड़रा था. उसकू पुछा खाना किधर मिलता. वो बोला सामने होटल में मिलता. होटल के बहार बादाम पिस्ते खाया हुआ तगड़ा सा आदमी दिखा. मैं कुछ बोलूँ इसके पइलेच मेरेकू पुछा तुमाको अंडा होना? मेरी फटी यारो. मई भागा. वो पीछू भागा. मई और तेज़ भागा. वो भी और तेज़ भागा, यारो. पीछू से आवाज़ माररा, तुमाको अंडा होना क्या? माँ की किरकिरी! अब मेरेकू अंडा कैसे होना, यारो. कैसे तो भी उसकू हाउला बनाके मई निकला उधर से. उस दिन तो इज्ज़त लुटते लुटते बची न यारो.

दुसरे दिन दफ़्तर जाना करके मई सोंचा बाल दाढ़ी काटूं. तो सलून में गया. उसको पुछा बाल दाढ़ी काटना है कितना होएंगा. तो बोलता २०० रूपया. माँ की किरकिरी! मई पूछा क्या रे, बाल दाढ़ी क्या गिनके काटता? तो बोलता साब बहार आओ. तो मई बाहर गया तो बोलता ऊपर पढो साब. तो मई पढ़ा. ५-सटार सलून बोलके बोर्ड रहता, बोलो. ऐसा नामाँ रखते तो क्या सच में ५-सटार होता? मेरेकू हाउला समझा क्या?

दुसरे दिन दफ़्तर पहुंचा मई. तो सब लोगाँ फ़ोन पे चेपू चेपू सारी सारी बोलता. मेरेकू उनुकी हिंदीच समझ नई आती तेलुगु कैसे आएंगी. एक पोट्टा दिखा तो मई पुछा हैदराबाद में बीअर मिलता क्या? तो बोलता हाउ नाको बीअर मिलता. अब यारो नाको बीअर तो कभी सुना नई मई. तो बोलता नाको बीअर हैदराबाद में वर्ल्ड-फ़ेमस. बाद में मेरेकू कोई बोला बीअर का नाम Knockout होएंगा. दूसरा पोट्टा मेरेकू अंग्रेजी पिक्चर के बारे में बताता. बोलता कल पिक्चर देखी, कैमरामैन के बीवी की है. मैं सोंचूं माँ की किरकिरी, कैमरामैन की बीवी भी पिकचरां बनाती आज कल. मई भी बनाएंगा फिर. तो बाद में कोई बोला Cameron की बीवी की बात करता होएंगा. अब यारो बैंगन में डालकू खा जाऊं मई तो जैसो.

पांच दिनाँ काम किया मई तो सोंचा Sunday कू पिक्चर देखतूं. कोई बोला आनंद थीएटर बाजू में होता. मई पईदल निकला. जिसको पूछतूँ बोलता जैसो आगेइच है. इधरिच है. करते करते पांच किलोमीटर चला मई, बोलो. थीएटर जातूं तो देखतूं पिक्चर के पैलेइच बाजु में पिक्चर चलरा. पोट्टा पोट्टी चने के खेत में. हैदराबादी लोगाँ का नाम पूरा बिरयानी में मिलाकू खा जाता पोट्टा पोट्टी. मई बोला मेरेकू क्या. मेरा पैसा वसूल होरा. इंटरवल में बाहर जाके corn लेतूं तो बेचनेवाला हाउला उसी में छींकता. ऐसा corn कौन खाता, बोलो.

अभी देखो कैसे सताता लोगाँ मेरेकू. क्या होएंगा मेरा. तुम इधर आइंगा तो तुमाको पता चलिंगा. बिरयानी बिरयानी बोलके ऐसा मुश्किल में डालते, बोलो. जारा अभी मई. ख़ाली पिली दिमाग फिराता लोगाँ. माँ की किरकिरी!

Ok, lol, I quite enjoyed writing that. And BTW, don’t go by what all I wrote about Hyderabad and the people here. It’s a wonderful city, and the people are very warm. Definitely worth a visit :)

26 comments:

Anonymous said...

arre baapre.. ye hindi me padhte padhte shaam ho jaye

Mohit said...

mujhe pata tha, isliye pehle se hi shaam ko bheja maine :)

UB said...

Taney Din Tandana!
Mai Sahil ko bolta - Yeh Mohit aisa sab likra, yeh padke nasha hota toh fir black label ka kaiko khali fukat bill fadtao?

Mohit said...

Good lord, UB sir, that was so much more polished than the whole of what I wrote :) You never fail to surprise me :) And thanks for the comment, sir :)

sachinleo80 said...

Maa ki kirkiri... bahut hydrabaadi bhaasha mei baata karta... hahaha...

Anyways, keep it up... I really enjoy reading your blogs...

Mohit said...

Thanks, Sachin :)) Aap blog padhraa mereku sunke bahut accha lagraa :)

Sahul said...

Lagta Miya ne ANGREZ picture dekhne ke baad ye posta likhneka Socha.

Abhishek Shirke said...

Ha ha enjoyed reading today the first time. All your previous posts are too good. I remember you were funny way back in school...born with the gift. Now please mail me the deleted post asap.

sushant said...

nicely written :) idharich hai, seedha jaao! absolutely the attitude man

Anonymous said...

U should used the Roman script. It would have been so much easier to read.

Mohit said...

Sahul bhai, sahi bola aapne. What a movie that is :) Had watched it a few months back. Wanted to watch it again before writing this and would've had I a personal laptop or something. The post would've come out more polished. Hey, and thanks so much for the comment, dude! Bhabhiji ko mera namaste kehna :)

Mohit said...

Hey, Abhishek! Awesome to hear from you, dude!!! You reminded me of our school days :) You and Jayesh would share the bench, and I would sit on the bench in front :) Thanks so much for reading and for the comment :) Will mail you the other post soon :)

Mohit said...

Sushant, thanks a lot, man :) Hope you are doing great :)

Mohit said...

Dear anonymous, I wish I knew who you are. If you are the same person who wrote me the same suggestion in an email yesterday, then I know who you are :) Thanks for the suggestion. Actually, I chose the Devanagari script because the content is in Hindi.

vishal said...

dont know how to say jhakaas in hyderabadi... (plz dont misunderstand with jackass)....

Mohit said...

Shukriya, Vishal miyan :))

VS said...

sahi hai!!!!
apni hyderabadi mem ne pada rahega kya?
ghapchik ghapchik (hindi)acha tha :)

VS said...

It's damn funnny, Mohit.. I read it twicde at a stretch.. woh "चेपू चेपू सारी सारी बोलता" kya hai? I've heard this language before from some of my frnds in hyd.

VS said...

It's damn funnny, Mohit.. I read it twicde at a stretch.. woh "चेपू चेपू सारी सारी बोलता" kya hai? I've heard this language before from some of my frnds in hyd.

Mohit said...

Thanks a lot, VS :) Apni Hyderabadi mem kahan kuchh padhti hai...aur chepu aur sari ka matlab bhool gaya main abhi...poochha tha pehle kisise...I think it's something like "ok"...

Devil's Advocate said...

hahaha.. Deadly post man! It was fun reading, glad that I landed on this page somehow. :D

Devil's Advocate said...

@VS/Mohit - चेपू means 'tell me' and सारी means fine/ok. But I think telgu and kanadda is mixed here. Sari is used in Kanadda language.

Mohit said...

Thanks so much, Ankur (both for the comment and the clarification)!

Shiv said...

क्या लिखते मियां! बोलूँ तो भौत बढ़िया. मेरे कू स्टाइल जमा मियां!

Shiv said...

क्या लिखते मियां! बोलूँ तो भौत बढ़िया. मेरे कू स्टाइल जमा मियां!

Mohit said...

Thanks a lot, Shiv!!!